Uttrakhandi
Thursday, 16 July 2015
(हरेला) की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
जी रये, जागि रये
धरती जस आगव, आकाश जस चाकव है जये
सूर्ज जस तराण, स्यावे जसि बुद्धि हो
दूब जस फलिये,
सिल पिसि भात खाये, जांठि टेकि झाड़ जाये।
हरियाली पर्व (हरेला) की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
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