Sunday, 28 June 2015

आज वो देखी गाडी मा

आज वो देखी गाडी मा
भली सजी छै साडी मा
आज वो देखी गाडी मा
भली सजी छै साडी मा 
 देखी छै च कख देखी होली देखी छै च
देखी छै च कख देखी होली
सेद पौखडा गवाणी मा

झल मुखडी वींकी दिख्याई
शर्म्यली वो शर्मे ग्याई
शर्म्यली वो शर्मे ग्याई
सुपन्यु रे होलु की भेम
मन मेरु वो भर्मे ग्याई
अब सोच्यू मा डुब्यूं छौ.
धेरी की हथ गल्वीडा मा
आज वो देखी गाडी मा
भली सजी छै साडी मा

पैली भी देखी छै वो बांद
दुनिया से जो नारी चा
दुनिया से जो नारी चा
मेरा मन मा वी च बस
वो मेरा हिया की प्यारी चा
खिल्यूं खिल्यूं तन बदन खिल्यूं खिल्यूं
खिल्यूं खिल्यूं तन बदन
फूल बुरोंसी डाली मा
आज वो देखी गाडी मा
भली सजी छै साडी मा

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